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BALDEV DHIMAN
भारत सरकार का वर्ष 2019-20 का बजट वित्त मंत्री श्रीमती सीतारमण ने प्रस्तुत किया । इस बार का यह बजट परम्परागत तरीके से कुछ हटकर प्रस्तुत किया गया है जो कि शायद दूरगामी परिणामों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया बजट है ताकि भारत का समग्र विकास हो जिसमें गांव, ग्रामीण व किसान पर विशेष ध्यान दिया गया है । शिक्षा के क्षेत्र में में भी विशेष ध्यान दिया गया है ।

वर्ष 2018 में राष्ट्रीय शिक्षा नीति की ड्राफ्ट समिति का गठन पद्मभूषण वैज्ञानिक डाक्टर के कस्तूरीरंगन के नेतृत्व में किया गया था जिन्होंने अपनी रिपोर्ट दिसम्बर 2018 में ही मंत्रालय को सौंप दी है जिसमें एक राष्ट्रीय शिक्षा आयोग गठित करने का सुझाव दिया गया है और इसी के अनुरूप राज्य स्तरीय शिक्षा आयोग भी गठित करने का सुझाव है ।शायद इन्हीं सुझावों के अन्तर्गत शिक्षा के क्षेत्र में अनुसंधान व नवप्रवर्तन कारी शिक्षा व्यवस्था के साथ साथ स्कूल व उच्च शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन लाकर एक अच्छी प्रशासन पद्धति पर अधिक बल दिया गया है और शिक्षा के क्षेत्र में 400 करोड़ रुपए का प्रावधान कर इसे "World Class Institutions " बनाने पर बल दिया गया है ताकि विदेशों से भी बच्चे भारत की शिक्षा पद्धति व व्यवस्था की ओर आकर्षित हों और भारत की अतीत की शिक्षा व्यवस्था को पुन: विश्व पटल पर स्थापित कर फिर से नालंदा व तक्षशिला विश्वविद्यालयों के खोए हुए गौरव को प्राप्त किया जा सके । जो कि एक बहुत ही सराहनीय कदम है ।एक शंका रहती है कि क्या बजट में केवल मात्र प्रावधान करने से यह सब कुछ संभव है ।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति /आयोग व राष्ट्रीय अनुसंधान संगठन बनाने व स्थापित करते समय भारत के अधिकांश नागरिकों की आर्थिक स्थिति के अनुरूप शिक्षा व्यवस्था होना आवश्यक है जिसमें बेरोजगारी की समस्या से निपटने के लिए शिक्षा को रोजगारपरक बनाए जाने की आवश्यकता है ।

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WRITER'S DETAILS

BALDEV DHIMAN
Retired Principal
Sanjeeveni Charitable Trust,
Villlage Kakriana, PO Didwin Tikkar, District Hamirpur, HP 177401
baldev48dhiman@gmail.com
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