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सूर्य के प्रकाश के साथ उर्वरक बनाने का अनूठा तरीका किया ईजाद
वाशिंगटन : वैज्ञानिकों ने सूर्य के प्रकाश का इस्तेमाल करके उर्वरक के मुख्य घटक अमोनिया की एक नई पर्यावरणोन्मुखी किस्म का निर्माण किया है।

अनुसंधानकर्ताओं ने अपने अनुसंधान में पाया कि डाईनाइट्रोजन (एन2) में बदलाव के लिए प्रकाश ऊर्जा का इस्तेमाल करके उससे नाइट्रोजन और हाइड्रोजन के यौगिक अमोनिया (एनएच3) का निर्माण किया जा सकता है। एन2 एक अणु है जो नाइट्रोजन के दो परमाणुओं से मिलकर बना होता है।

अनुसंधानकर्ताओं ने बताया कि अमोनिया का निर्माण करने वाली प्रकाश संचालित नई रासायनिक प्रक्रिया से वैश्विक स्तर पर कृषि को बढ़ावा मिलेगा और जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता घटेगी। अमेरिका के ऊर्जा मंत्रालय के राष्ट्रीय अक्षय ऊर्जा प्रयोगशाला (एनआरईएल) और कोलोराडो बोल्डर (सीयू बोल्डर) यूनिवर्सिटी के अनुसंधानकर्ताओं ने पाया कि प्रकाश की उपस्थिति में कैडमियम सल्फाइड यौगिक के नैनो आकार के रवों का इस्तेमाल करने से रासायनिक परिवर्तन के दौरान इलेक्ट्रॉन में इतनी उर्जा जुड़ जाती है कि इसके कारण एन2 अमोनिया में परिवर्तित हो जाता है।

जीवों के इस्तेमाल के लिए धरती के वातावरण में नाइट्रोजन एक आम गैस है। पारंपरिक तौर पर नाइट्रोजन परिवर्तन के दो मुख्य तरीके हैं - पहला जैविक प्रक्रिया है, जिसमें वातावरण में मौजूद नाइट्रोजन फलियों (लेग्यूम) जैसे कुछ पादपों की जड़ों में पाए जाने वाले जीवाणु के संपर्क में आता है और फिर नाइट्रोजीनेज नामक एंजाइम की उपस्थिति में अमोनिया में परिवर्तित होत है।
(updated on 23rd April 2016)