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डॉ. विजय ठाकुर को अमेरिका का प्रतिष्ठित अवॉर्ड मिला
HAMIRPUR (HIMACHAL)-हटवाड़ इलाके से संबंध रखने वाले दुनिया के 100 टॉप युवा वैज्ञानिकों में शुमार डॉ. विजय ठाकुर को अमेरिका का प्रतिष्ठित लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड 2018 मिला है। विजय को यह सामान मेटीरियल्स इंजीनियरिंग और नैनो साइंस के क्षेत्र में उनके द्वारा किए गए उत्कृष्ट रिसर्च वर्क के लिए दिया है।

इस अवार्ड को पानी वाले वैज्ञानिकों में विजय सबसे कम उम्र के वैज्ञानिक हैं। वो इस समय क्रेन फील्ड यूनिवर्सिटी यूके में बतौर सीनियर साइंटिस्ट काम कर रहे हैं। नैनो टेक्नोलॉजी में उन्होंने दुनिया भर में नाम कमाया है। इस अमेरिकी पुरस्कार को पाने वाले पहले हिमाचली बन गए हैं।

विजय नैनो टेक्नोलॉजी में पिछले करीब दस सालों से काम कर रहे हैं और इस पर उनकी अब तक 25 किताबें भी आ चुकी हैं। उनके रिसर्च वर्क के चलते दुनिया की नामी जनरल स्प्रिंगरप्लूस की एडवाइजरी में उन्हें एडिटर बनाया है। उनकी किताबें अमेरिका, यूके, सिंगापुर, जर्मनी और भारत में प्रकाशित हो चुकी हैं। नैनो टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में ये किताबें नए वैज्ञानिकों के लिए काफी वैल्यूएबल मानी जाती है।

लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड के अलावा विजय को अमेरिकी बायोग्राफिक इंस्टीट्यूट ने विश्व स्तरीय उपलब्धियों को लेकर वर्ष 2011 में अल्बर्ट आइंसटाइन अवार्ड ऑफ एक्सीलेंसी से नवाजा था। मैटीरियल साइंस में जिन लोगों को पहले ये अवार्ड मिला है, उनमें ओक रिज नेशनल लेबोरेट्री यूएसए के प्रो. ऑर्थर जाेनास रोगोस्कस और उत्तरी कैरोलिना स्टेट यूनिवर्सिटी के प्रो. जगदीश शामिल है। नैनो साइंस में विजय ने वर्ष 2009 में सिंगापुर के नानयांग टेक्नोलॉजी यूनिवर्सिटी से अपना रिसर्च कॅरियर शुरू किया था।

10 देशों में कर चुके हैं रिसर्च :
विजय नैनो टेक्नोलॉजी को लेकर दुनिया के दस बड़े देशों में रिसर्च कर चुके हैं। इनमें इंग्लैंड, जर्मनी, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, हांगकांग, सिंगापुर, ताइवान और भारत शामिल है। वो सिंगापुर के रक्षा मंत्रालय में भी काम कर चुके हैं। विजय की इस उपलब्धि पर उनके पिता वीर सिंह और पत्नी मंजू ठाकुर काफी खुश है। उनका कहना है कि विजय ने उपलब्धि अपनी कड़ी मेहनत से पाई है और उन्होंने दुनिया भर में भारत का नाम और रोशन किया है। (updated on November 17th, 2018)
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