NEW DELHI. -PM Modi felicitates medal winners of 2018 Summer Youth Olympics///गुजरात: 'स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी' से भी भव्य है 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी', रोज आएंगे 15000 पर्यटक///नई दिल्ली : कठुआ रेप कांड के एक्टिविस्ट पर JNU की छात्रा ने लगाया दुष्कर्म का आरोप////CHANDIGARH-Free school education to children of police martyrs: Haryana DGP////NEW DELHI: IGNOU Invites Applications For January 2019 Session////DHAMPUR (BIJNOR)- द स्कॉलर्स वैली स्कूल में "शिक्षा में तकनिकी का उचित प्रयोग" विषय पर कार्यशाला////नई दिल्ली : दिल्ली हाफ मैराथन-इथियोपिया के महिला-पुरुष धावकों ने दिखाया जलवा//// BEIJING. China is planning to launch its own “artificial moon” by the year 2020, it has been reported.////Dehradun.-No school ready to take rape survivor: Parents///Chandigarh.-Signboards with Hindi text smeared at Panjab varsity///////
हाथ नहीं तो क्या, पैरों से ही लिख दी अपनी तकदीर
हमीरपुर। कहते हैं कि हाथ की लकीरें तकदीर बनाती और बिगाड़ती हैं, लेकिन किसी के हाथ ही न हों तो उसकी किस्मत कौन लिखे। हमीरपुर जिले के छोटे से गांव नौहंगी के रहने वाले राजेश कुमार की कहानी कुछ ऐसी ही है। बचपन से दोनों हाथों से महरूम राजेश की कुछ कर गुजरने की ऐसी लगन थी कि उसने अपने पैरों से ही अपनी तकदीर लिख डाली।

1987 में जन्मे राजेश कुमार को जब यह समझ आया कि उसके हाथ नहीं हैं तो पैरों से लिखने की शुरुआत की। मुश्किलें आने के बावजूद सरकारी स्कूल से मैट्रिक की पढ़ाई की। बिना किसी की मदद लिए पैरों की अंगुलियों में पेन फंसाकर पेपर दिए। कामयाबी भी हासिल की।

जमा दो में अच्छे अंकों से पास होने के बाद राजेश ने ऑल इंडिया इंजीनियरिंग एंट्रेंस एग्जाम की परीक्षा उत्तीर्ण की। वर्ष 2007 में मेरिट के आधार पर राजेश का नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नालॉजी हमीरपुर में कंप्यूटर साइंस में एडमिशन हुआ। इस बीच राजेश की माता का देहांत हो गया। इसके बावजूद राजेश का हौसला नहीं डगमगाया और कंप्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की।

स्कूल लेक्चरर परीक्षा पास कर आज वे हमीरपुर के सीनियर सेकेंडरी स्कूल जंदड़ू में कंप्यूटर साइंस के लेक्चरर पद पर सेवाएं दे रहे हैं।

राजेश का कहना है कि अगर लक्ष्य को मन में ठान लें तो कुछ भी नामुमकिन नहीं है। मुझे इस बात की खुशी है कि खाना-पीना, नहाना, कंघी करना, कंप्यूटर चलाना आदि जितने भी रोजमर्रा के कार्य हैं उन्हें करने में मुझे किसी की मदद नहीं लेनी पड़ती।
(updated on 31st July 2015)